Home Krishna Bhajan कलयुग में एक बार कन्हैया लिरिक्स – Kalyug Me Ek Baar Kanhaiya...

कलयुग में एक बार कन्हैया लिरिक्स – Kalyug Me Ek Baar Kanhaiya Lyrics

524
1

Kalyug Me Ek Baar Kanhaiya Lyrics नमस्कार मित्रों आप सभी का स्वागत है एक बार फिर से आपकी अपनी वेबसाइट पर आज मैं आप सभी को बताने वाला हूं “कलयुग में एक बार कन्हैया लिरिक्स” के बारे में तो अगर आप सभी को अच्छा लगे तो जरुर इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे |

कलयुग में एक बार कन्हैया लिरिक्स - Kalyug Me Ek Baar Kanhaiya Lyrics
कलयुग में एक बार कन्हैया लिरिक्स

Kalyug Me Ek Baar Kanhaiya Lyrics

कलयुग में एक बार कन्हैया,
ग्वाले बन कर आओ रे,
आज बुखार करे तेरी गैया,
आकर कंठ लगाओ रे ||


१. जिनको मैंने दूध पिलाया,
वही मुझको सताते हैं,
चीर फाड़ कर मेरे बेटे,
मेरा ही मांस बिकाते हैं,
अपनों के अभिशाप से मुझको,
आकर आज बचाओ रे ||

कलयुग में एक बार कन्हैया,
ग्वाले बन कर आओ रे,
आज बुखार करे तेरी गैया,
आकर कंठ लगाओ रे ||


२. चाबुक से जब पीटी जाऊं,
सहन नहीं कर पाती में,
उबला पानी तन पर फेंके,
हाय हाय चिल्लाती में,
बिना गाल में तिल तिल मरती,
करुणा जरा दिखाओ रे ||

कलयुग में एक बार कन्हैया,
ग्वाले बन कर आओ रे,
आज बुखार करे तेरी गैया,
आकर कंठ लगाओ रे ||


३. काहे हम को मूक बनाया,
घुट-घुट कर यूं मरने को,
उस पर हाथ दिए ना तूने,
अपनी रक्षा करने को,
भटक गई, संतान हमारी,
रास्ता आन दिखाओ रे ||

कलयुग में एक बार कन्हैया,
ग्वाले बन कर आओ रे,
आज बुखार करे तेरी गैया,
आकर कंठ लगाओ रे ||


४. एक तरफ तो बिछड़े मेरे,
अन्न धन् को उपजाते है,
उसी अनो को खाने वाले,
मेरा वध करवाते हैं,
शाम जरा तुम मां के वध को,
आकर रोक लगाओ रे ||

कलयुग में एक बार कन्हैया,
ग्वाले बन कर आओ रे,
आज बुखार करे तेरी गैया,
आकर कंठ लगाओ रे ||

Read Also

जब प्राण तन से निकले लिरिक्स – Jab Pran Tan Se Nikle Lyrics

Aao Kanhaiya Aao Murari – Tere Dar Pe Aaya Sudama Bhikhari Lyrics

About The Post

दोस्तों आज मैंने आप सभी को इस पोस्ट के माध्यम से “Kalyug Me Ek Baar Kanhaiya Lyrics” के बारे में बताया है तो अगर आप सभी को ये अच्छी लगी हो तो जरुर इसे अपने दोस्तों कई साथ शेयर करे धन्यवाद |

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here